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Nov 19, 2009

ढाई बरस का एक बच्चा

ढाई बरस के एक बच्चे ने
अभी सीखा है पूरी ताकत के साथ नकार
और अपने चुनाव


ढाई बरस का एक बच्चा खोजता है
सहजता, आदमजात के इतर
किसी दूसरे रूप में, बिम्ब और भूगोल में
कभी गाय के बछड़े में
और चाहता है कि माँ भी गाय बन जाय
कभी हाथी में, और चाहता है
माँ के साथ एक बड़े स्वर मे गर्जन
तो कभी डायनोसोर में और झपट जाता है
माँ के ही ऊपर
और कभी फडफडाता है
अपनी कल्पना के पंख
एक कोने से दूसरे मे उड़ता हुया।

ढाई बरस का बच्चा
रोज़ खोल देता है माँ के बंधे बाल
और ढक देना चाहता है चेहरा
खिलाना चाहता है माँ को कुछ ज़बरदस्ती
और चहकता है जीत पर
गौर से देखता है बालियाँ
और छीन लेता है स्कार्फ
छुपमछुपाई के लिए
या फ़िर बनने को सुपरमेन

जो कभी माँ निकाल सकी
वक़्त एक कल्पनालोक से दूसरे मे उड़ने का
तो कहता है
"मामी यू आर गुड बॉय ".

2 comments:

  1. ढाई बरस के बच्चे और माँ को कल्पनालोक के दुसरे सोपान में ले जाने की कल्पना साकार हो उठी है आपकी कविता में ...!!

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  2. हार्डली सपनदरसनीय, वेरी विस्‍फोटक, एंड हाऊ..

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