"It seems to me I am trying to tell you a dream-making a vain attempt, because no relation of a dream can convey the dream sensation, that commingling of absurdity, surprise,, and bewilderment in a tremor of struggling revolt, that notion of being captured by the incredible which is of the very essence of dreams. No, it is impossible, it is impossible to convey the life-sensation of any given epoch of one's existence-that which makes its truth, its meaning-its subtle and penetrating essence. It is impossible. We live, as we dream-alone".
------------- Joseph Conrad in "Heart of Darkness"


Copyright © 2007-present:Blog author holds copyright to original articles, photographs, sketches etc. created by her. Reproduction including translations, roman version /modification of any material is not allowed without prior permission. But if interested, leave a note on comment box. कृपया बिना अनुमति के इस ब्लॉग से कुछ उठाकर अपने ब्लॉग/अंतरजाल की किसी साईट या फ़िर प्रिंट मे न छापे.

Feb 20, 2013

कैलिफ़ोर्निओज-2013

जनवरी में  एक हफ्ते के लिए सेन डियागो दूसरी बार फिर आना हुआ.  एयरपोर्ट से बाहर निकलते ही कैलिफोर्निया सिगनेचर पाल्म के पेड़ दिखायी देतें हैं, शहर के लगभग समतल लैंडस्केप में बीच-बीच में भूरे टीले हैं, जिनपर सेजब्रश की झाड़ियाँ, केक्टस, कुछ दुसरे नेटिव जीरोफाइट उगे हैं, बाक़ी शहर के मैनेज्ड लैंडस्केप में पाल्म के अलावा विलो, एक्का-दुक्का मैपल, और बिर्च दिखते हैं. एक रिसोर्ट के भीतर कांफ्रेंस है, और ठहरने की व्यवस्था है. रिसोर्ट के भीतर बहुत मेहनत से कई तरह के फर्न, ऑर्किड, पाल्म, और केले के पेड़ लगे हैं, छोटे साइज़ के कई आउटडोर स्वीमींग पूल है, जो इस ठण्ड के महीने में किसी काम के नहीं हैं. इस हफ्ते मौसम का मिजाज़ बदला हुआ है, तापमान औसत से लगभग तीस डिग्री फेरेनहाईट नीचे है, हवा में खुश्की है, लेकिन शुक्र है कि भरपूर रोशनी है, खिली हुयी धूप है. जानी-पहचानी बेबी सिटर मारिया के मिलजाने से सहूलियत बनी, मारिया मेक्सिकन मूल की रिटायर्ड टीचर है, उसके व्यक्तित्व में खुशमिजाजी और गर्मजोशी है, बच्चों की पढ़ाई का हर्जा नहीं हुआ, मारिया ने होमवर्क में मदद की और मुझे  ज्यादा तसल्ली मीटिंग में भागीदारी का मौका मिला.

मीटिंग के ख़त्म होने के बाद, अगली सुबह बच्चों के साथ दिनभर का ट्रांजिट पास लिया और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का लुत्फ़ उठाते हुए बीच  बीच में कई जगहों पर ब्रेक लेते हुए पुराना शहर ओल्ड टाउन और डाउनटाउन का इलाका घूमा.  सेन डियागो का पब्लिक ट्रांसपोर्ट ट्राली (मेट्रो ट्रेन ) और बस रूट के बेहद व्यवस्थित  जाल में बुना गया है, अमूमन एक ही सड़क पर बस से उतर कर ट्राली पकड़ी जा सकती है, और जहाँ मन हो वहां ट्राली से उतरकर बस पे सवार हुआ जा सकता है, और दिनभर का पास लगभग ५ डॉलर,  बच्चे मुफ़्त.

ओल्ड टाउन में एक पार्क है, जिसमें कैलिफोर्निया के इतिहास की  झलक एक पुराने लकड़ी के घर के भीतर संजोयी गयी है,  एक छोटा सा म्यूज़ियम, जहाँ एक  बूढा आदमी काउंटर पर बैठा और चार बूढ़ी औरतें डेढ़ सौ साल पुराने कॉटन के हूप्स वाले पुराने गाउन पहन काम करती मिलीं, जो  म्यूजियम के किरदार का सिर्फ रोल नहीं निभा रहीं है, बल्कि मज़े से उसे जी भी रहीं हैं, लंच, बुनी हुयी पिकनिक बासकेट में लेकर निकल रहीं हैं.

यहीं पता लगा की दरअसल मिलीजुली स्पैनिश और मेक्सिकन इन्डियन नस्ल के बच्चे अपने लिए कैलिफ़ोर्निओज शब्द का इस्तेमाल करते थे, जिसके कारण इस राज्य का नाम कैलिफ़ोर्निया पड़ा.  १ ८ ३ ० से १ ८ ४ ० के दशक में पूरे प्रान्त में बड़ी संख्या में कैलिफ़ोर्निओज या तो किसी रैंच में काम करते थे या उनकी अपनी साझी पारिवारिक रैंच थीं, और कैलिफ़ोर्निया मेक्सिको का हिस्सा था.  १ ८ ५ ० की अमेरिकी -स्पैनिश युद्ध में  मेक्सिको की हार  के बाद हुयी गुआडेलूप की संधि के तहत कैलिफोर्निया पर अमेरिका का कब्जा हुआ.  आज कैलिफोर्निया अमेरिका का सबसे अधिक जनसँख्या वाला प्रान्त है, परन्तु  कैलिफ़ोर्निओज की संस्कृति और खान-पान का प्रभाव अब तक साफ़ दिखायी देता है.


१ ९ ४ ८ के बाद से कैलिफोर्निया गोल्डरश के लिए विख्यात रहा, बड़ी संख्या में इसी दरमियाँ औरतों ने भी बाहर निकल कर इस लैंडस्केप की यात्रा की, उन्हीं यात्राओं का कुछ लेख जोखा "No Rooms of Their Own: Women Writers of Early California"   और "Gold Rush Women" में है, कुछ महीनों पहले इन किताबों पर नज़र गयी थी, फिर म्यूजियम में इन्हें देखकर और दूसरी बहुत सी किताबें एक जगह देखकर खुशी हुई. इसके साथ कुछ क्राफ्ट, झालरें, लेसेज़, रोजमर्रा का सामन, तसवीरें, पुराने कपड़े, कुछ विवरण, उस बीत चुके, पुराने जमाने की तस्वीर बुनते हैं, इसमें संसाधनों का उतना महत्त्व नहीं हैं, जितना कुछ लोगों का प्यार से अपनी विरासत को संजोने की सदिच्छा का है.

पार्क से ही जुड़ा एक छोटा सा बाज़ार है,  कतार से दुकाने हैं जो एक घेरे में ख़त्म होती हैं, यहाँ हाथ की बनी छोटी -मोटी चीज़े बिकती हैं, बीच में मेक्सिकन रेस्टोरेंट हैं, यहीं लंच किया.  बाज़ार में कुछ दुकानों के बीच टहलते हुए रवि ने एक गुलेल जिसपर जिराफ बना हुआ है, अपने लिए पसंद की, रोहन उसे समझाता रहा दस मिनट तक की सुन्दरता और कारीगिरी के लिहाज से भालू वाली ज्यादा अच्छी है, जिराफ लेने के अलावा कोई चारा नहीं बचा. मालूम नहीं कि अभी कि प्लेन में इसे ले जाने दिया जाएगा या नहीं.  कुछ साल पहले ऑस्ट्रेलिया से जो बूमरंग क्राफ्ट की तरह खरीदे गए थे  उन्हें ऐनवक्त पर कूड़ेदान में फेंकना हुआ ही था, अच्छा हो एक बैग को चेकइन में डालना होगा. 

एक बड़ी दूकान का अधिकतर भाग कुछ मेक्सिकन पेंटिंग्स से भरा हुआ है, और लगता है की कुछ हेलोवीन की सजावट है, पर ये मेक्सिकन त्यौहार "डे  ऑफ डेड" की थीम पर केन्द्रित हैं, जिसका महत्त्व कुछ पितर पक्ष जैसा या मृत रिश्तेदारों को याद करने जैसा है, और इसकी उत्पत्ति पुरानी एजटेक संस्कृति में है, जो भी हो ये कन्टेम्प्रररी आर्टिस्टिक एक्सप्रेसन हो या इसमें पारंपरिक छवि ही हो, स्त्री कंकालों का  सेन्सुअस डििपक्सन कुछ कोतुहल और आश्चर्य जगाता है. बहुसंख्यक मेक्सिकन अब केथलिक इसाई  हैं, परन्तु "डे  ऑफ डेड" अब पॉपुलर मेक्सिकन त्यौहार है, नेशनल छुट्टी का दिन है.   मेक्सिको व दक्षिणी अमेरिकी देशों में जहां स्पेन का अधिपत्य रहा, कुछ हद तक युरोपी और नेटिव इन्डियन संस्कृति ने मिलजुलकर एक नयी संस्कृति रची है, जो यूरोप से भिन्न है.  कैलिफ़ोर्निओज ने इस मिलीजुली संस्कृति को कुछ हद तक अमेरिकी जमीन पर भी बचा रखा है....


3 comments:

  1. आपके यात्रा संस्मरण हमेशा अच्छे लगते हैं .

    ReplyDelete
  2. सुंदर संस्मरण. सेन दिगो और कैलिफोर्निया के बारे में नई जानकारियाँ मिलीं. आभार.

    ReplyDelete

असभ्य भाषा व व्यक्तिगत आक्षेप करने वाली टिप्पणियाँ हटा दी जायेंगी।