Copyright © 2007-present by the blog author. All rights reserved. Reproduction including translations, Roman version /modification of any material is not allowed without prior permission. If you are interested in the blog material, please leave a note in the comment box of the blog post of your interest.
कृपया बिना अनुमति के इस ब्लॉग की सामग्री का इस्तेमाल किसी ब्लॉग, वेबसाइट या प्रिंट मे न करे . अनुमति के लिए सम्बंधित पोस्ट के कमेंट बॉक्स में टिप्पणी कर सकते हैं .

Jun 3, 2013

यात्रा -१०

मन
बजता हो, एकतारा सा
तब कुछ दिन
मौन ...मौन ...मौन
मौन के साथ
घूमना,
खाना,
सोना,
ढूंढना,
खोजना,
और गुम  हो जाना

एक  दिन
मौन की देहरी पर जागना
उठ जाना,
और चल पड़ना,
स्मृतियों में धंसी आँख से
देखना
दिन,
साथ,
सपना,
सुनना
भूमीगत नदी की हिलोर ,
झरते पत्तों का गान,
भूली बोली की मिठास,
और
फिर लौट आना ....

**********

2 comments:

  1. आपकी सर्वोत्तम रचना को हमने गुरुवार, ६ जून, २०१३ की हलचल - अनमोल वचन पर लिंक कर स्थान दिया है | आप भी आमंत्रित हैं | पधारें और वीरवार की हलचल का आनंद उठायें | हमारी हलचल की गरिमा बढ़ाएं | आभार

    ReplyDelete
  2. मौन से बुद्ध याद आये !

    ReplyDelete

असभ्य भाषा व व्यक्तिगत आक्षेप करने वाली टिप्पणियाँ हटा दी जायेंगी।