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Jan 26, 2015

अच्छी कवितायें


अच्छी कवितायें
बरगद का  घना जंगल हुई
आसान रहा वहां पहुंचना
मुश्किल निकलना.
अच्छी कवितायें
रात के सिरहाने
झरने की कलकल हुई
दिन में
धूप हुई
नमी हुई
हवा हई 
नाक की नोक में ठहरी सर्द टीस
आग का ख़्वाब हुई.
अच्छी कविताएं
धीमा ज़हर हुई
हौले हौले चढ़ता है उनका सरूर
और धीमें धीमें उतरता है.
बहुत दिनों तक भूली रही
पढ़ते हुए तुम याद आये
पढ़ने के बाद आसान हुआ फिर भूलना
जैसे नींद के बाद बना रहता है उनींदापन
मेरी याद में रहता है भूलना
भूलने में बिसूरना....