ढाई बरस के एक बच्चे ने
अभी सीखा है पूरी ताकत के साथ नकार
और अपने चुनाव
सहजता, आदमजात के इतर
किसी दूसरे रूप में, बिम्ब और भूगोल में
कभी गाय के बछड़े में
और चाहता है कि माँ भी गाय बन जाय
कभी हाथी में, और चाहता है
माँ के साथ एक बड़े स्वर मे गर्जन
तो कभी डायनोसोर में और झपट जाता है
माँ के ही ऊपर
और कभी फडफडाता है
अपनी कल्पना के पंख
एक कोने से दूसरे मे उड़ता हुया।
ढाई बरस का बच्चा
रोज़ खोल देता है माँ के बंधे बाल
और ढक देना चाहता है चेहरा
खिलाना चाहता है माँ को कुछ ज़बरदस्ती
और चहकता है जीत पर
गौर से देखता है बालियाँ
और छीन लेता है स्कार्फ
छुपमछुपाई के लिए
या फ़िर बनने को सुपरमेन
जो कभी माँ निकाल सकी
वक़्त एक कल्पनालोक से दूसरे मे उड़ने का
तो कहता है
"मामी यू आर गुड बॉय ".
