"It seems to me I am trying to tell you a dream-making a vain attempt, because no relation of a dream can convey the dream sensation, that commingling of absurdity, surprise,, and bewilderment in a tremor of struggling revolt, that notion of being captured by the incredible which is of the very essence of dreams. No, it is impossible, it is impossible to convey the life-sensation of any given epoch of one's existence-that which makes its truth, its meaning-its subtle and penetrating essence. It is impossible. We live, as we dream-alone".
------------- Joseph Conrad in "Heart of Darkness"


Copyright © 2007-present:Blog author holds copyright to original articles, photographs, sketches etc. created by her. Reproduction including translations, roman version /modification of any material is not allowed without prior permission. But if interested, leave a note on comment box. कृपया बिना अनुमति के इस ब्लॉग से कुछ उठाकर अपने ब्लॉग/अंतरजाल की किसी साईट या फ़िर प्रिंट मे न छापे.

Jan 15, 2009

पामेला रोनाल्ड का ब्लॉग: एक बेहतरीन वैज्ञानिक का बेहतरीन ब्लॉग

कई सालो से पेम के काम बे बारे मे, पढ़ती -पढाती आ रही हूँ। एक वैज्ञानिक के बतौर ही नही पेम के लिए एक इंसान के बतौर भी मेरे दिल मे बहुत जगह है। पिछले महीने, पेम और रौल के साथ कुछ समय बिताने का वक़्त मिला, विज्ञान के अलावा, वैज्ञानिको के ब्लॉग लेखन पर भी बात चली, और इस बाबत पेम पहली नामी वैज्ञानिक है जिन्होंने ब्लॉग लेखन को गंभीरता से लिया है। उनके ब्लॉग का नाम उनकी चर्चित किताब जो हाल मे ही लिखी गयी है, के नाम पर है, "कल का भोजन" यानी Tomorrow's table. This is the link for her blog.

आधुनिक और परम्परागत खेती और GMO food, society, पर केंद्रित किताब, "Tomorrow's Table", जिसे पेम और उनके किसान पति ने जो ओरगेनिक खेती के बड़े पैरोकार है, बेहद रोचक ढंग से लिखा है। सामान्यजन की भाषा और सारोकारों पर लिखी ये किताब सचमुच पढ़ने लायक है।

पेम और राउल का पब्लिक लेक्चर , जो कुछ दिन पहले सुनने का मौका मिला, उसकी slide यहाँ पर है. हिन्दी जगत मे तकनीकी और विज्ञान को लेकर जो उथली समझ है, और उस पर सामाजिक सारोकार के नाम पर जो अधकचरा जलसा है, शायद उससे उबरने का कोई रास्ता भी निकल सके, इस तरह की सामग्री अगर ब्लॉग पर मिलने लगे।

किताब और इस मुलाक़ात पर फ़िर कभी ......

फिलहाल विज्ञान और समाज से विज्ञान के रिश्ते को लेकर सजग रहने वालो को पेम का ब्लॉग ज़रूर पढ़ना चाहिए।

6 comments:

  1. ब्लोग का लिंक भी दें. उल्लेख के लिये धन्यवाद.

    ReplyDelete
  2. bahut acchi jaankaari...Link jarur de..

    ReplyDelete
  3. The link for book is actually link for Pam's blog, and book is partly available in google.

    ReplyDelete
  4. "thanks for such information"

    Regards

    ReplyDelete
  5. जानकारी अच्‍छी लगी....ब्‍लाग को ढूंढने की कोशिश करती हूं।

    ReplyDelete

असभ्य भाषा व व्यक्तिगत आक्षेप करने वाली टिप्पणियाँ हटा दी जायेंगी।